सोमवार, 29 सितंबर 2008

... और मुझे काम करने के बाद भी वेतन नही मिला ।

.... और मुझे काम कराने के बाद भी आज पटना एडिशन के न्यूज़ एडिटर दीपक पाण्डेय ने वेतन देने से इंकार कर दिया। आज में करीब ३ महीने काम करने के बाद मैं प्रभात ख़बर में काम करने लगा। wahan के एडिटर अजय जी ने मुझे ३००० मासिक वेतन देने का मौखिक भरोसा दिया। प्रभात ख़बर में काम मिलने के बाद लगा की मेरा carrier बन गया। हो भी kyun नही । मुझे उस आदमी के साथ काम करने का मौका मिला था जिसे में अपना पत्रकारिता में रोल मॉडल मानता था। लेकिन इसे दुर्भाग्य कहें या और कुछ। महज ४ दिन के बाद ही मुझे काम से निकल दिया गया। because मैं jagran group के अख़बार इनेक्स्त में interview देने चला गया, टाइम पास के लिए। इसका office मेरे घर से महज चाँद कदम की duri पर था। मैं इसे अपनी गलती भी नहीं kahunga kayonki एक कहाबत हैं का बर्ष जब कृषि सुखानी। अब गलती manne से होगा ही क्या। interview mein मेरे sath प्रभात ख़बर के करीब १५- २० staff और थे। interview के बाद मैं अपने टाइम पर office गया। उसी वक्त मेरा bulaba अजय जी के kebin से आ गया। kebin मैं ghuste unhonne कहा की आप jaa सकते है आपकी कोई darkar नही है। मेरे बार बार kahne के बाद की sir मेरा carrier barbad हो जाएगा, unpar कोई असर नही हुआ । उनका kahna था आपका carrier barbad नही बहुत bright है। ekbargi मैं अपने रोल मॉडल , जिसके sanidhya में patrakarita sikhana चाहता था और vigat दो साल से इसके लिए try कर रहा था, अब मेरी patrakarita की carrier उनकी कृपा पर aasrit हो गई. mein nirasha ke sath office से bahar आ गया। एक ही झटके में मेरा sabkuchh khatm हो गया। होता भी क्यों नही। जिस तरह कोई आदमी किसी की चाहत में अपना sabkuvhh khatm कर देता है। thik उसी तरह मैंने भी patrakarita के लिए sabkuchh छोड़ दिया था। घर से मैं एक तरह से tadipar हो गया था। क्योंकि पिताजी की ichachha थी की मैं सरकारी job करूँ। लेकिन mujh पर patrakarita का bhut savar था। patrakarita की lat लग चुकी थी। प्रभात ख़बर से nikale जाने के बाद मेरे पास खाने के भी पैसे नही थे। ekaek पटना के patrakarita जगत में मैं badnam हो गया। कोई मुझसे bat नही करना चाहता था। road पर मिलने पर kanni kaat jata। ऐसे में मैं आज के office में दीपक पाण्डेय से मिला । लेकिन उन्होंने bakaya देने से इंकार कर दिया। मेरा बार बार kahne के बाद aajij aakar उन्होंने gaurd की मदद से office से bahar nakalwa diya। मैं आपकी ब्लॉग से kahna chhata हूँ की मेरी एक गलती की इतनी बड़ी saja।

2 टिप्‍पणियां:

devilsadvocate@blogspot.com ने कहा…

suman Jha i read your comments and i am happy to know that you got a first hand account of the inside story of this field. well i advise you to forget this and continue your strive towards progression

amlendu asthana ने कहा…

Apne apne blog per fijool chigein Nahi dali hain,pathnia chigein Hain. Mujhe Padker achchha laga. Ap badhai ke patra Hain. Suman Ap se ishi tarah ki Ummid hai.